परंपरागत रूप से, पारिवारिक पेंशन नियम 50 के पूर्वता क्रम में पति/पत्नी सबसे पहले आते हैं — उनकी मृत्यु के बाद ही बच्चों की बारी। 2024 के संशोधन ने महिला सरकारी कर्मचारियों को विशेष परिस्थितियों में इस क्रम को बदलने का विकल्प दिया है।

संशोधन का सार — क्या बदला?

DoPPW OM संख्या 1/13/2022-P&PW(E) दिनांक 07.08.2024 के तहत CCS पेंशन नियम 2021 में संशोधन किया गया। मुख्य बिंदु:

किन परिस्थितियों में यह विकल्प उपलब्ध है?

संशोधन के तहत, महिला कर्मचारी निम्नलिखित में से किसी भी परिस्थिति में यह नामांकन कर सकती है:

महत्वपूर्ण: ये परिस्थितियाँ न्यूनतम आवश्यकताएं हैं — सक्षम प्राधिकारी मामले की गुणवत्ता के आधार पर विचार करेगा।

आवेदन प्रक्रिया

  1. महिला कर्मचारी लिखित आवेदन — संशोधित Form 3 में — कार्यालयाध्यक्ष को जमा करे।
  2. संबंधित परिस्थिति का प्रमाण संलग्न करें (घरेलू हिंसा FIR/आदेश, न्यायालय की याचिका, दोषसिद्धि आदेश)।
  3. नामांकित बच्चों का विवरण और उनकी जन्म तिथियाँ।
  4. कार्यालयाध्यक्ष मामले को सक्षम प्राधिकारी को अग्रेषित करेगा।
  5. स्वीकृति के बाद PPO में उचित अद्यतन।

नामांकन वापस लेने या बदलने का अधिकार

यदि परिस्थितियाँ बदल जाएं — जैसे पति से सुलह हो जाए, या न्यायालय का मामला निपट जाए — तो महिला कर्मचारी नामांकन वापस ले सकती है और पति को पुनः पहले क्रम में ला सकती है। इसके लिए लिखित अनुरोध और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी आवश्यक।

यह संशोधन क्यों महत्वपूर्ण है

पहले की स्थिति में — यदि महिला कर्मचारी की मृत्यु होती और उसका पति (जो शायद हिंसक या परित्यागी था) जीवित हो — पारिवारिक पेंशन स्वचालित रूप से पति को मिलती, बच्चों को नहीं। यह संशोधन महिला कर्मचारी को — जीवित रहते — यह नियंत्रण देता है कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी पारिवारिक पेंशन किसे मिलेगी।

सामान्य पारिवारिक पेंशन नियमों से संबंध

यह संशोधन नियम 50 के सामान्य पूर्वता क्रम को बदलता नहीं — यह केवल विशेष परिस्थितियों में महिला कर्मचारी को एक अतिरिक्त विकल्प देता है। जिन महिला कर्मचारियों ने यह विशेष नामांकन नहीं किया — उनके लिए नियम 50 का सामान्य क्रम (पहले पति, फिर बच्चे) लागू रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. 1 — क्या यह विकल्प सभी महिला कर्मचारियों को मिलता है?

नहीं — केवल उन महिला कर्मचारियों को जो संशोधन में निर्दिष्ट विशेष परिस्थितियों (घरेलू हिंसा, परित्याग, वैवाहिक विवाद, पति का कारावास) में हों।

प्र. 2 — क्या पुरुष सरकारी कर्मचारी भी पत्नी को छोड़कर बच्चों को नामांकित कर सकते हैं?

यह विशेष 2024 संशोधन केवल महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए है। पुरुष कर्मचारियों के लिए सामान्य नियम 50 का पूर्वता क्रम लागू रहेगा।

प्र. 3 — नामांकन के बाद पति को कभी पारिवारिक पेंशन नहीं मिलेगी?

सही — यदि महिला कर्मचारी ने यह विशेष नामांकन किया है और वापस नहीं लिया है, तो मृत्यु पर पारिवारिक पेंशन नामांकित बच्चों को मिलेगी, पति को नहीं।

Source reference: O.M. No. 1/1(1)/2023-P&PW(E) dated 01.01.2024, Government of India, Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions, Department of Pension & Pensioners' Welfare.