उपहार की परिभाषा — नियम 13 में क्या शामिल है?
नियम 13 में "उपहार" में शामिल हैं: नकद, आभूषण, भूमि, भवन, मूल्यवान वस्तुएं — और साथ ही निःशुल्क आवास, यात्रा, मनोरंजन, या कोई अन्य सेवा जिसका बाज़ार मूल्य हो। सिद्धांत यह है — यदि इसे बाज़ार में खरीदना पड़ता और उसे मुफ्त या रियायती दर पर मिल रहा है — वह "उपहार" है।
मूल उपहार सीमाएं — ग्रुप और Pay Level के अनुसार
| Pay Level / पद | बिना सूचना के अधिकतम उपहार |
|---|---|
| Group A (Level 10 और ऊपर / Pay ₹67,700+) | ₹25,000 (एक स्रोत से) |
| Group B (Level 6-9 / Pay ₹35,400-₹67,699) | ₹15,000 |
| Group C (Level 1-5 / Pay ₹18,000-₹35,399) | ₹7,500 |
⚠️ इन सीमाओं से अधिक का उपहार मिलने पर — सरकार को सूचित करना अनिवार्य है। सरकार तय करेगी कि उपहार वापस करना है, जमा करना है, या रखने की अनुमति देनी है।
निकट संबंधी — विशेष छूट
माता-पिता, भाई-बहन, जीवनसाथी, बच्चे और उनके जीवनसाथी — इन निकट संबंधियों से मिले उपहार पर कोई मौद्रिक सीमा नहीं। लेकिन एक महत्वपूर्ण शर्त है: देने वाले संबंधी का कर्मचारी के आधिकारिक कार्यों से कोई व्यावसायिक संबंध नहीं होना चाहिए। यदि उस संबंधी का कर्मचारी के कार्यालय से कोई अनुबंध, लाइसेंस, या नियामक संबंध हो — तो सीमाएं लागू होती हैं।
विवाह अवसर पर उपहार
विवाह समारोह में मिले उपहार सामाजिक परंपरा का हिस्सा हैं — इसलिए नियम 13(3) इन्हें विशेष छूट देता है। लेकिन:
- मित्रों और सहकर्मियों (देने वाले के पद और स्तर को देखते हुए) से प्राप्त उपहार स्वीकार किए जा सकते हैं।
- जो उपहार "सामाजिक दृष्टि से उचित न हों" — वे इस छूट के दायरे में नहीं आते।
- अधीनस्थों के समूह से बड़े उपहार — सरकार को सूचना देनी होगी।
विदेश यात्रा पर उपहार और आतिथ्य
विदेश दौरे पर मेजबान देश की सरकार या संगठन द्वारा दिए उपहार के लिए अलग नियम है:
- विदेशी सरकार या मेजबान संगठन से मिले उपहार — निर्धारित सीमा से ऊपर होने पर — भारत सरकार की संपत्ति मानी जाती है।
- ऐसे उपहार भारत वापस आते ही सरकार को जमा करने होंगे।
- यदि कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से उपहार रखना चाहे — मूल्यांकन करवाकर उचित मूल्य जमा करना होगा।
- विदेश में सरकारी मेहमाननवाज़ी (होटल, भोजन) — TA नियमों के अंतर्गत — आमतौर पर उपहार नहीं माना जाता।
कैश या कैश के समतुल्य — विशेष प्रतिबंध
नकद, चेक, डिजिटल ट्रांसफर, गिफ्ट कार्ड, या कैश के समतुल्य कुछ भी — यदि किसी ऐसे व्यक्ति या संगठन से मिले जिसका कर्मचारी के आधिकारिक कार्यों से कोई संबंध हो — तो वह रिश्वत की श्रेणी में आ सकता है और Prevention of Corruption Act के तहत दंडनीय हो सकता है।
उपहार की सूचना कैसे दें
- निर्धारित सीमा से अधिक उपहार मिलने के 30 दिन के भीतर सक्षम प्राधिकारी को लिखित सूचना दें।
- सूचना में — उपहार का विवरण, अनुमानित बाज़ार मूल्य, देने वाले का नाम और पद, और किस अवसर पर मिला — यह सब लिखें।
- सक्षम प्राधिकारी का निर्णय मानें — वापस करना, जमा करना, या रखने की अनुमति।
सीमा से अधिक उपहार रखना — परिणाम
- CCS (CCA) नियम 1965 के तहत अनुशासनिक कार्यवाही।
- यदि उपहार और आधिकारिक कार्य के बीच कोई संबंध प्रमाणित हो — Prevention of Corruption Act के तहत आपराधिक कार्यवाही।
- CVC (Central Vigilance Commission) की जाँच।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. 1 — दीपावली पर मिठाई का डिब्बा — उपहार है क्या?
हाँ, तकनीकी रूप से उपहार है। लेकिन मामूली मिठाई (जिसका मूल्य सीमा से बहुत कम हो) — व्यावहारिक रूप से सामाजिक शिष्टाचार माना जाता है। सीमा से ऊपर मूल्य के किसी भी उपहार के लिए नियम कड़ाई से लागू होते हैं।
प्र. 2 — माता-पिता से मिले उपहार पर कोई सीमा है?
निकट संबंधियों से — बिना सीमा के — बशर्ते उनका कर्मचारी के आधिकारिक कार्यों से कोई व्यावसायिक संबंध न हो।
प्र. 3 — विदेश में मिला उपहार वापस लाना भूल जाएं तो?
यह एक गंभीर चूक है। भारत वापस आते ही सूचना दें और उपहार जमा करें — देरी और छिपाना दोनों उल्लंघन हैं।