नियम 5(1) — मूल प्रतिबंध
कोई भी सरकारी कर्मचारी:
- किसी राजनीतिक दल या राजनीति में भाग लेने वाले संगठन का सदस्य नहीं बनेगा।
- किसी ऐसे दल या संगठन से किसी भी प्रकार से नहीं जुड़ेगा।
- किसी राजनीतिक आंदोलन या गतिविधि में भाग नहीं लेगा।
- किसी राजनीतिक आंदोलन या गतिविधि के लिए चंदा नहीं देगा।
- किसी राजनीतिक आंदोलन या गतिविधि में अन्य किसी प्रकार से सहायता नहीं करेगा।
यह प्रतिबंध व्यापक है — कोई कर्मचारी औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल नहीं हो सकता, लेकिन इसी तरह पार्टी की बैठकों में नहीं जा सकता, पार्टी को दान नहीं दे सकता, पार्टी साहित्य नहीं लिख सकता — चाहे कार्यालय समय के बाद ही क्यों न हो।
नियम 5(2) — परिवार के सदस्यों के संबंध में दायित्व
नियम 5 केवल कर्मचारी के अपने आचरण तक सीमित नहीं है। सरकारी कर्मचारी का यह दायित्व है कि वह अपने परिवार के किसी भी सदस्य को ऐसी किसी गतिविधि में भाग लेने, चंदा देने या सहायता करने से रोकने का प्रयास करे जो स्थापित सरकार को अस्थिरित करने वाली हो। यदि रोकना संभव न हो — तो सरकार को रिपोर्ट करना होगा।
यह दायित्व सावधानी से लिखा गया है — यह परिवार की सामान्य राजनीतिक गतिविधि (जैसे मतदान) को नहीं रोकता। यह केवल संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली गतिविधियों से संबंधित है।
नियम 5(3) — कौन तय करेगा कि क्या राजनीतिक है?
यदि कोई प्रश्न उठे कि कोई दल राजनीतिक दल है या नहीं, कोई संगठन राजनीति में भाग लेता है या नहीं — तो सरकार का निर्णय अंतिम होगा। इसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
नियम 5(4) — मतदान का संरक्षित अधिकार
नियम 5(4) दो महत्वपूर्ण बातें कहता है:
- कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी विधान मंडल या स्थानीय प्राधिकरण के चुनाव में प्रचार नहीं करेगा, हस्तक्षेप नहीं करेगा, या अपने प्रभाव का उपयोग नहीं करेगा।
- लेकिन — मतदान के योग्य सरकारी कर्मचारी अपने मतदान के अधिकार का उपयोग कर सकते हैं। यह अधिकार छीना नहीं जा सकता। हालाँकि, वे यह नहीं बताएंगे कि उन्होंने कैसे मतदान किया या करने वाले हैं।
चुनावी प्रतीक प्रदर्शन — विशेष प्रतिबंध
नियम 5(4) का स्पष्टीकरण एक महत्वपूर्ण विशेष प्रतिबंध जोड़ता है: किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा अपने व्यक्ति, वाहन या निवास पर किसी चुनावी प्रतीक का प्रदर्शन — चुनाव में प्रभाव का उपयोग माना जाएगा और इसलिए निषिद्ध है।
यानी — घर पर पार्टी का झंडा लगाना, कार पर राजनीतिक स्टिकर लगाना, या चुनाव के दौरान पार्टी का बैज या टोपी पहनना — सब प्रतिबंधित हैं।
क्या अनुमत है और क्या नहीं — त्वरित संदर्भ
| गतिविधि | अनुमत? |
|---|---|
| मतदान करना | ✅ हाँ — संरक्षित अधिकार |
| आधिकारिक चुनाव ड्यूटी (पीठासीन/मतदान अधिकारी) | ✅ हाँ — विशेष रूप से छूट |
| किसने मतदान किया यह बताना | ❌ नहीं — मत की गोपनीयता अनिवार्य |
| राजनीतिक दल में शामिल होना | ❌ नहीं |
| राजनीतिक रैली में भाग लेना (व्यक्तिगत समय में भी) | ❌ नहीं |
| राजनीतिक दल को दान देना | ❌ नहीं |
| घर/वाहन पर पार्टी का झंडा/स्टिकर | ❌ नहीं |
| किसी उम्मीदवार के लिए प्रचार करना | ❌ नहीं |
उल्लंघन के परिणाम
नियम 5 के उल्लंघन पर CCS (CCA) नियम 1965 के तहत प्रमुख दंड कार्यवाही हो सकती है। न्यायालयों ने ऐसे मामलों में बर्खास्तगी को बरकरार रखा है जहाँ कर्मचारी सक्रिय रूप से राजनीतिक दलों के लिए प्रचार करते पाए गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. 1 — क्या सरकारी कर्मचारी चुनाव में मत दे सकता है?
हाँ। नियम 5(4) स्पष्ट रूप से मतदान के अधिकार की रक्षा करता है। लेकिन उसे यह नहीं बताना होगा कि उसने किसे वोट दिया।
प्र. 2 — क्या कार पर राजनीतिक स्टिकर लगाना ठीक है?
नहीं। नियम 5(4) का स्पष्टीकरण कहता है कि वाहन पर चुनावी प्रतीक का प्रदर्शन चुनाव में प्रभाव का उपयोग माना जाता है — जो निषिद्ध है।
प्र. 3 — यदि पति/पत्नी राजनीति में सक्रिय हों तो?
नियम 5(2) के तहत कर्मचारी को प्रयास करना होगा कि परिवार का सदस्य संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली गतिविधि में भाग न ले। सामान्य राजनीतिक भागीदारी (जैसे मतदान) इससे बाहर है।
प्र. 4 — आधिकारिक चुनाव ड्यूटी भी नियम 5 का उल्लंघन है?
नहीं। पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी के रूप में आधिकारिक चुनाव ड्यूटी विशेष रूप से छूट प्राप्त है।