नियम 6 — संगठनों में शामिल होना
नियम 6 सभी संगठनों की सदस्यता पर प्रतिबंध नहीं लगाता — यह केवल एक विशेष प्रकार के संगठनों को लक्षित करता है। कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी ऐसे संगठन का सदस्य नहीं बनेगा या रहेगा जिसके उद्देश्य या गतिविधियाँ निम्नलिखित के विरुद्ध हों:
- भारत की संप्रभुता और अखंडता,
- सार्वजनिक व्यवस्था, या
- नैतिकता।
यदि कोई संगठन बाद में ऐसी गतिविधियाँ अपना ले — तो सदस्यता तुरंत छोड़नी होगी।
क्या अनुमत है?
- मान्यता प्राप्त सेवा संगठन और स्टाफ यूनियन — उचित सेवा-संबंधी उद्देश्यों के साथ।
- व्यावसायिक निकाय (चिकित्सा संघ, इंजीनियरिंग संस्थान आदि)।
- खेल क्लब, सांस्कृतिक समितियाँ और धर्मार्थ संगठन।
- सहकारी समितियाँ (नियम 15 के अधीन)।
नियम 7 — प्रदर्शन और हड़ताल
नियम 7(i) — निषिद्ध प्रदर्शन
कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी ऐसे प्रदर्शन में भाग नहीं लेगा जो निम्नलिखित के विरुद्ध हो:
- भारत की संप्रभुता और अखंडता,
- राज्य की सुरक्षा,
- विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध,
- सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता या नैतिकता।
इसमें अदालत की अवमानना, मानहानि या अपराध के लिए उकसाने वाले प्रदर्शन भी शामिल हैं। नियम सभी प्रदर्शनों पर प्रतिबंध नहीं लगाता — केवल इन श्रेणियों में आने वाले पर।
नियम 7(ii) — हड़ताल पर पूर्ण और अनर्गल प्रतिबंध
नियम 7(ii) बिना किसी अपवाद के पूर्ण है: कोई भी सरकारी कर्मचारी स्वयं की या किसी अन्य सरकारी कर्मचारी की सेवा से संबंधित किसी भी मामले में हड़ताल का सहारा नहीं लेगा और न ही किसी भी प्रकार से हड़ताल, जबरदस्ती या शारीरिक दबाव में सहायता करेगा।
| कार्रवाई का प्रकार | नियम 7 के तहत स्थिति |
|---|---|
| हड़ताल (पूर्ण कार्य बंद) | ❌ पूर्णतः निषिद्ध |
| Go-slow (जानबूझकर उत्पादन घटाना) | ❌ निषिद्ध (जबरदस्ती का रूप) |
| Work-to-rule (व्यवधान के लिए सख्त अनुपालन) | ❌ निषिद्ध (जबरदस्ती का रूप) |
| कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल | ❌ निषिद्ध (शारीरिक दबाव) |
| अवकाश पर कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना | नियम 7(i) के मानदंडों के अनुसार आँका जाएगा |
| शिकायत ज्ञापन प्रस्तुत करना | ✅ अनुमत |
| मान्यता प्राप्त सेवा संगठनों के माध्यम से अभ्यावेदन | ✅ अनुमत |
संवैधानिक पक्ष
सर्वोच्च न्यायालय ने बारंबार माना है कि अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत संगठन बनाने का मूल अधिकार है — लेकिन हड़ताल का अधिकार मूल अधिकार नहीं है। राज्य को सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर उचित प्रतिबंध लगाने का अधिकार है, और नियम 7 का पूर्ण प्रतिबंध संवैधानिक रूप से वैध है। सेवा परिस्थितियों से असंतुष्ट कर्मचारियों के पास उचित माध्यम से अभ्यावेदन का अधिकार है — सामूहिक जबरदस्ती का नहीं।
उल्लंघन के परिणाम
- CCS (CCA) नियम 1965 के तहत अनुशासनिक कार्यवाही।
- हड़ताल/अनुपस्थिति की अवधि dies non माना जाएगा — सेवा में विराम।
- हड़ताल अवधि के वेतन की वसूली।
- गंभीर मामलों में बर्खास्तगी तक।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. 1 — क्या सरकारी कर्मचारी मान्यता प्राप्त सेवा संगठन का सदस्य बन सकता है?
हाँ। नियम 6 केवल उन संगठनों पर प्रतिबंध लगाता है जिनके उद्देश्य या गतिविधियाँ संप्रभुता, सार्वजनिक व्यवस्था या नैतिकता के विरुद्ध हों। उचित सेवा-संबंधी उद्देश्यों वाले मान्यता प्राप्त सेवा संगठन निषिद्ध नहीं हैं।
प्र. 2 — क्या go-slow भी हड़ताल की तरह निषिद्ध है?
हाँ। नियम 7(ii) "किसी भी प्रकार की हड़ताल या जबरदस्ती" को निषिद्ध करता है — go-slow जबरदस्ती का एक रूप है और इसलिए प्रतिबंधित है।
प्र. 3 — क्या सेवा संगठन किसी सहकर्मी की सेवा समस्या पर हड़ताल कर सकता है?
नहीं। नियम 7(ii) स्वयं की या किसी अन्य सरकारी कर्मचारी की सेवा से संबंधित किसी भी मामले में हड़ताल पर प्रतिबंध लगाता है — दोनों पर।